Monday, 13 May 2013



11 मई 2013 को दिल्ली के हिन्दी भवन में आयोजित ‘‘आरक्षण बचाओ सम्मेलन’’ में आरक्षण संबघित, उन सभी बातों पर चर्चा हुई
जो पिछले दिनों आरक्षण में प्रमोषन बिल केा पास नहीं किए जाने पर कही गई, और आरक्षण खत्म करने की पुरजोर कोषिषें की गई।इस सम्मेलन मे भारत के कौने-कौने से आरक्षण बचाओ समीति के समर्थन में समर्थको की भीड़ जुटी जिसकी आरक्षण के प्रति अपनी ही अलग प्रतिक्रिया थी जो आरक्षण में प्रमोषन का आधार बनाकर उसे लागू करने की थी
    सम्मेलन का आरम्भ मुख्य अतिथी कांचा इल्लैहा समेत सभी उपस्थित मान्यगणों  के द्वारा डॉ भीम राव आम्बेडकर जी की तस्वीर पर माल्यार्पण करके किया गया
    कार्यक्रम में वक्तव्य का आरंभ करते हुए जानी-मानी मीडिया कर्मी बासा सिंह ने  मीडिया के तमाम उन मुददों को उठाया जहां दलितों के साथ नाइ्रसाफी  होती है उन्होेने कहा कि मीडिया में दलित समाज की एक ही खबर दिखाई जाती है। बलात्कार, उसमें से भी वो चुनाव करते है कि कौन सी खबर अच्छा व्यापार करेगी,लेकिन इसके उलट मनुवादी समाज की हर वो छोटी से छोटी खबर दिखाई जाती जो दिखाने लायक भी नहीं होती। उन्होने बताया कि वर्तमान में मीडिया मे ओबीसी,एसी,एसटी के लोग नगण्य है बल्कि मनुवादी समाज की दावेदारी अधिक है जो दलित समाज को हमेषा से उपेक्षित करते आया है
   प्रदेष के अध्यक्ष एम पी सिंह ने मनुवादी समाज को लताड़ते  हुए उसकी सभी वो कुटनीतियां गिनाई जिसके कारण भारत  वर्श के मूलनिवासी हमेषा उपेक्षित रहे उन्होंने कहा कि मनुवादियों ने यहां के मूलनिवासियों के दिलो दिमाग मे उस भगवान को बिठा दिया है जिसका कोई अस्तित्व ही नहीं है ओर जिसका साहार लेकर उसने हम मूलनिवासियों 9647 जातियो में विभाजित कर दिया। जो उसकी हमारे समाज को तोड़ने कि चाल थी और वह उसमें सफल भी हुआ जिसके कारण आज हम विभिन्न प्रकार की जातियों में बंट गए ओर हम अपने जैसे लोगों के साथ बैठना तक नहीं चाहते, लेकिन हमेें इन सबको बदलना होगा और सभी जातियों को साथ लेकर चलना होगा, तभी हम इस मनुवादी समाज से लड़ पाएगें
    डॉ एन सुकुमार ने दिल्ली युनिवर्सिटी में हो रहे एसी,एसटी,ओबीसी के छात्रों के साथ दुर्व्यवहार को अनुचित ठहराया और सभी को दिल्ली युनिवर्सिटी में हो रहीं इस बर्बता को रोकने के लिय एक होने को कहा उन्होने कहा कि दिल्ली युनिवर्सिटी में हमारे समाज के छात्रों की योग्यताओ पर सवाल उठाए जाते हैं जो इस मनुवादी समाज की चाल है जबतक हम इस मनुवादी समाज को ये नहीं चेताएंगे कि अब हम एक हो गए हैं तभी जाकर हमारे समाज के छात्रों और हमारे समाज के प्रति इनका नजरिया बदलेगा, उन्होने युवाओं से कहा कि वे आगे आए ओर इस आरक्षण बचाओं समिती से जुड़े।
    दिल्ली प्रदेष के अध्यक्ष अनिल गौतम ने कहा कि भारत कभी आजाद हुआ ही नहीं क्योंकि ये देष जातियों का गुलाम हमेषा से रहा है जब तक जाति का राज खत्म नहीं होगा तब तक ये देष आजाद नहीं होगा, उन्होने जातिगत आरक्षण की मांग नहीं बल्कि जमीनीगत आरक्षण की भी मांग की, उन्होने कहा कि  हमें हिस्सा चाहिए लेकिन नौकरियों में,राज सत्ता में, जमीन में, तभी तुम हमारा जातिगत आरक्षण छीन सकते हो, यदि तुम इन चीजों में  हमे हिस्सा नहीं दे सकते तो जातिगत आरक्षण हमसे नहीं छीन सकते उन्होने कहा कि उतर प्रदेष की तरह हर राज्य को आम्बेडकर के लिए कुछ न कुछ देना होगा, उन्होने मायावती की पं्रषसा करते हुए कहा कि उतर प्रदेष में आम्बेडकर के नाम पर 19 जिले बनाए गए हैं जो बहुत बढी उपल्बिधि है हमारे समाज के लिए।  
   युथ विंग के राश्ट्रीय अध्यक्ष डॉ रवि प्रकाष ने युवाओं को ललकारते हुए कहा कि हम युवाओं को एक होना होगा क्योंकि युवा षक्ति ही हमारे समाज में परिर्वतन ला सकती है जो हमारे समाज में बदलाव की हवा फेराएगी । उन्होने आरक्षण में रिर्जवेषन के मुददे को अपना मुददा कहा, कि हम युवाओं को  ही इस बिमारी को दूर करना होगा तभी जाकर हम लोग इस समाज में अपना अधिकार पाएगें। मनुवादी समाज में हर कदम पर हमारा मर्दन किया है हमारी बहन बेटियों के साथ कुर्कम किया, और हर कदम पर हमसे हमारा अधिकार छीनने की कोषिष की है जो हमारा जन्म सिद्व अधिकार है । उन्होने  कहा कि यदि हमसे आरक्षण में रिर्जवेषन छीना गया तो हम ये कतई बर्दाषत नहीं करेगें इसे पाने के लिए हमें चाहे अपने प्राणों की बलि तक देनी पड़े, हम वो भी देंगे । अतं में युवाओं को जाग्रत होने की बात  कही, कहा कि हम युवा ही अपना भाग्य बदलेगें।
    मुख्य वक्ता कांचा इल्लैहा ने आरक्षण मे प्रोमोषन का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि हम उस उपेक्षित समाज से हैं जो मनुवादियो की नजंर में किसी भी कैटगिरी में नहीें आता है लेकिन हमें अपने लिए स्वंय ही लड़ना होगा और आरक्षण में प्रमोषन लेना होगा। उन्होने स्वीकार किया कि मैं भी ओ,बी,सी समाज में आता हूं।लेकिन ओ,बी,सी समाज अपने आपको एसी,एसटी समाज से अलग मानता है लेकिन सच्चाई ये है कि वो भी उपेक्षित समाज है हमें इन तीनो समाज को एकत्र करना होगा तभी हम लोग आरक्षण में प्रमोषन लेने के हकदार बन पाएगें । उन्होने हिन्दू देवी देवताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ये सभी आंडबर है हमें इन से बचना होगा और अपने समाज को एकत्र करना होगा । तभी हम अपने आरक्षण को बचा पाएगें 



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