Saturday, 18 May 2013

राम भरोसे जनता

क्‍या करें भईया राजनीति का चल रहा है पहिया
नेता कर रहे एक दूसरे के साथ ताता थाईया
ऐसी ही होती है रानीति मेरे भईया
 सकून न इनको बिल्‍कुल हैं 
ओर सांसों में इनके जीत का बिगुल है
खर्च करें पैसा जी भर के 
जनता मरे सो मरे,इनको क्‍या
इनको क्‍या उनके इस सरोकार से
बस वोटों के खातिर ,लुभा रहे हैं सबको
वादों के पुलिंदे बांध,कर रहे जनता को अंधा
ओर लकडी पकडे चल रहे हैं खुद
करेंगे भारत का उंचा झडा
 ये ही  राजनेता तंत्र है मेरे भाई 
या ये प्रजा तंत्र है
कुछ नहीं आता समझ
क्‍या इस देश का होगाा









No comments:

Post a Comment