दंबगई का आलम है ये जो कि चारों तरफ से आफत का प्रतीक बन रहा है ,ये लाईने मेरी नहीं, बल्कि उन लोंगों की है जो बसों में रोजाना सफर के लिए जाने जाते हैं
दिल्ली की बस सेवा ''डीटीसी' में रोजाना, दिल्ली के लाखों निवासी अपने गंतव्य पर जाने के लिये सुबह-सुबह अपने घर से निकलते हैं जिनका सफर इस सेवा में बहुत ही रोचक और कभी कभी तो बहुत ही कष्टकारी भी रहता है,दिल्ली की इस बस सेवा में जहां एक ओर गतंव्य पर जाने की होड् होती है तो दूसरी तरफ आपसी कहा सुनी का भी अपना एक अलग ही अंदाज होता है जो कभी कभी तो आपसी झगड्े का भी रूप ले लेता है
कुछ दंबग लोग इस आपसी कहा सुनी को, इतना बेबाक बना देते हैं जिसमे सामने वाला व्यक्ति इतना उत्तेजित हो जाता है कि आपसी छोटी सी नोंक झोंक खतरनाक लड्ाई का रूप ले लेती है जो कभी-कभी तो दूसरों के मजे का एक साधन बन जाती पर उस व्यक्ति के लिये वो जी का जन जाल बन जाती है जो उस समय उस लड्ाई को लड् रहा होता है क्योंकि उसे पता होता है कि यदि अब में पीछे हटा तो मुझे सामने वाला ओर दबाएगा,इसलिए अपने आगे बढ्ते हुए कदम वो पीछे नहीं लेता ओर झगडे को ओर बढाने की कोशिश करने लगता है जिसका फायदा कुछ दंबग लोग उठाकर,आग में घी डालने वाला काम करते हैं जो मजे के साथ-साथ उस आदमी को जेल तक पंहुचा देती है जिसका परिणाम कभी-कभी सामने वाले की जान लेकर ही पूरा होता है
उन दंबग लोगों को ये नहीं पता होता कि वो जो कर रहे हैं कहीं न कहीं वो किसी के साथ न इनसाफी कर रहे हैं अपने चंद समय के मनोरजंन के लिए वो किसी की जिन्दगी से खेलते हैं वहीं दूसरी ओर ऐसे भी लोग मिलते हैं जो इन सब का प्रतिरोध करते है और उन व्यक्तियों को समझाने का भरसक प्रयास करते जो इन मुर्ख लोगों के कारण आपस में भिड् बैठते हैं ये कोई संयोग नहीं होता अपितू उन दंबग लोगों कि जालसाझी होती है जो अपनी इस नीच कूटनीति को अपनी बयानगी समझते हैं, ओर वे लोग भी मुर्ख होते है जो इन नीचों की बातों में आकर आपस में लड् बैठते हैं उनको ये नहीं मालूम होता कि दो मिनट की कहासुनी कैद में तबदील हो जाती हैं
ओर वे दंबग व्यक्ति इस लडाई का कारण बनते हैं वो अगले किसी स्टॉप पर उतर कर इन मुर्ख लोगों कि मुर्खता पर ठहाके मार कर हसते हुए अपने गंतव्य पर चले जाते हैं जो अपनी इस मुर्खता को अपना कारनाम समझते हैं खेर इन लोगों को छोडिये समझना उन लोगों को चाहिए जो इन की बातों में आकर उत्तेजित हो जाते हैं ओर आपसी कलह बढा लेते हैं उन दंबगों का कुछ नहीं जाता लेकिन उन लोगों का तो बहुत कुछ चला जाता है जो आपस में भीड जाते हैं
इसलिए दोस्तों आप किसी की बातों में आकर झगडियेगा नहीं क्योंकि नुकसान आपका होगा,उस व्यक्ति का नहीं जो आपको आपस में लडवा रहा है
तो खुद भी सुरक्षित रहिये ओर दूसरों को भी सुरक्षित रखिये
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