लेकिन अब समय आ गया है कि हम इस कमजोरी का फायदा किसी भी
राजनैतिक पार्टी ओर उन दंबगों को नहीं उठाने दें जिन्होने हमेषा हमारी जाति
पाति और धर्म को आड़े लाकर हमेषा हम ललकारा है ओर हमें हमेषा आपस में
लड़वाया है। हमें एक जुट होकर अपनी युवा षक्ति का प्रर्दषन करना होगा जो सही
मायनों में हमारी एकता और अंखण्डता का प्रतीक बने।
सोहन सिंह
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