Monday, 20 May 2013

डीयू में चार साल का स्नातक कोर्स


डीयू में चार साल के स्नातक कोर्स को लागू न होने देने के समर्थन में उतरे सगठन ज्वाइंट एक्‍शन फार डेमोक्रेटिक एजूकेशन ने सोनिया गांधी के निवास स्थल 10 जनपथ पर अपनी एकजूटता का परिचय देते हुए विशाल प्रर्दशन किया, जिसकी अगुवाई डॉ उदित राज ने की

   दिल्ली युनिवर्सिटी में पिछले दिनों यूजीसी और एकेडमिक काउसिल एवं एक्जक्यूटिव कमेटी के द्वारा चार वर्षीय स्नातक कोर्स लागू किया गया। जो सही मयानों में उच्च वर्ग का कोर्स कहा जाये तो कोइ अतिष्योक्ति नहीं होगी। क्योंकि इस कोर्स के माध्यम से षिक्षा का व्यापार चर्म पर होगा
 इस कोर्स के अंतर्गत चार साल के पाठयक्रम में 11 फाउंडेषन कोर्स पढाये जाएगें जिसमें अग्रेजी और गणित का विषय अनिवार्य होगा ।

प्रो द्वारा दिए जांएगें अंक

   इस कोर्स को उतीर्ण करने के लिए प्राप्तांक 40 प्रतिषत है फाउडेषन कोर्स में 35 अंक लगातार प्रोजेक्ट आदि से दिए जाएगें, डिसिप्लिन-1 में 25 अंक अतिरिक्त, डिसिप्लिन-2 में 25 अंक इसी तरह दिए जाएगें और एप्लाइड कोर्स में भी शिक्षकों को लगातार मूल्यांकन के द्वारा अंक देने के अधिकार होगा
इस कोर्स की छात्रों के लिए हानियां
  छात्रों पर अतिरिक्त वितीय भार बढेगा,जो डिग्री उन्हें तीन वर्ष में प्राप्त होती थी अब वो चार वर्ष में प्राप्त होगी तो अन्य 600 विष्वविघालय में स्नाकोतर में कैसे प्रवेष लेगें ?11 फाउडेषन कोर्स के अतिरिक्त 18 विषय अतिरिक्त छात्रों को पढने पढेगे

शिक्षा का निजीकरण

यूपीए सरकार एक ओर तो देष को षिक्षित होने की बात कह रहीे हैं तो दूसरी तरफ ऐसी नीति का समर्थन कर रही है जिससे षिक्षा अमीरों तक ही सीमित रहेगी जिससे षिक्षा के निजीकरण को बढावा मिलेगा जिसमें गरीब छात्र षिक्षा लेने में असर्मथ होगे

इस प्रोग्राम के एक्जिट प्वांइट

 छात्र दो वर्ष के बाद डिप्लोमा की डिग्री लेकर छोड सकता हैं यदि किसी छात्र ने दो वर्ष तक इस कोर्स को खीच लिया तो तीसरे वर्ष में बैचलर की डिग्री लेकर छोड देगा सम्भवत कुछ ही छात्र होगे जो इस चार वर्षीय डिग्री को प्राप्त कर सकेगे । इस प्रकार से श्रेणी का विभाजन हो जाएगा, डिप्लोमा वाले छात्र चपरासी के लिए नियुक्त होगे बैचलर उससे कुछ उपर की पेास्ट पर नियुक्त होगें और चार वर्षीय डिग्री पाने वाले छात्र हुक्कमरान बनाए जाएगें

डॉ उदित राज ने कहा कि जो छात्र देहात और ग्रमीण क्षेत्रों से होगे वो हाईस्कूल में गणित व अग्रेजी मेहनत करके पास होता है। वो छात्र हाईस्कूल पास कर इन विषयों से  छुटकारा पाना चाहता है वही विषय इस कोर्स के माघ्यम से आगे जाकर उसे पढने पढेगे जिसके कारण काफी छात्र इस कोर्स को प्रथम वर्ष में ही छोड देगें या प्रवेष लेने की हिम्मत ही नहीं करेंगे है जो समाज की आने वाली भयावक तस्वीर उकेरता है
  जिसको हम लोग लागू नही होने देगें

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